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मनोविकार: एक जुनून ऐसा भी

इस पुस्तक में मेरे द्वारा लिखी गई कविताएं कुछ प्रेम रस कविताएं से संकलित है, भारत के वीर पूत से सैनिकों से तो कुछ भक्ति भावनाओं से संकलित है पुस्तक है  ये मेरे कमल से पहली प्रयास है ,इस पुस्तक को मैंने मैं 20 साल की युवा अवस्था में मेरे द्वारा इस पुस्कत की रचना अत्यंत परिश्रम से मात्र 2  माह की प्रयास से पूरी हुई है  जो के आपलोगो से समक्ष बहुत ही अल्प समय में प्रकाशित है इस से भी बेहद अच्छी  कविता, कहानी लाने की हम अटूट प्रयास कर रहे है एवम कर्म काण्ड पूजा जप तप से जुड़ी पुस्तक लाने की प्रयास  मेरे द्वारा किए जा रहेंगे पुस्तक के साथ साथ मैं अपने बड़े में में बताए तो  मैं बिहार के वैशाली जिले के गोरौल लोदीपुर  की मैं  निवासी हूं  मेरा नाम गोविंद सिंह है मेरे पिता श्री राम बाबू सिंह जो की उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में कार्यरत है, मेरे माता  श्रीमति मंजू देवी  जो की गृहणी है  मेरे से दो  श्रेष्ठ भ्राता है  जो की  सरकारी पद की अटूट प्रयास में संलग्न है और मैं कनिष्ठ जो की  कविता पुस्तक लिखने के समीक्षा में है  मैं इस ग्राम के पहले वक्ति है जो पुस्तक लिखे है एवं लिखने में रुचि रहते है l अपनी योग्यता  की बात करे तो मैं  बिमलादेवी बहुउद्देशीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से आईटीआई औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र योग्यता है  और मेरी  उच्च माध्यमिक (I. SC )  की योग्यता है ओर मैं स्नातकोत्तर (प्रतिष्ठा विषय - इतिहास)  का छात्र हूं l

मनोविकार: एक जुनून ऐसा भी

SKU: IOK173
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  • Govind Singh

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